पुराने घर
यदि कभी जाना मेरे पुराने घर , तो खोलना मेरे दराज़ को जिसके एक कोने में एक चाँदी की बिछिया और दूसरे में मेरी दसवीं क्लास की घड़ी मिलेगी । चाभी दे देना घड़ी में और चाँदी में रोगन ज़रूर करवा लेना, फिर दे आना दरगाह वाले बाबा को जिनकी निगाहें अक्सर इन पर होती…

